कंधे का दर्द (Kandhe Ka Dard): कारण, पहचान और इलाज — सूरत

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कंधे का दर्द (kandhe ka dard) कई वजहों से हो सकता है: tendon की सूजन या फटना, frozen shoulder, पुरानी चोट, गर्दन की नस का दबाव, और कभी-कभी दिल की तकलीफ़ भी। इलाज से पहले यह समझना ज़रूरी है कि दर्द कहाँ से आ रहा है। सूरत में डॉ. अमन खन्ना (M.S. Orthopaedics) Mahavir Hospital, Athwa Gate के OPD में कंधे के मरीज़ देखते हैं।

हर कंधे का दर्द कंधे की समस्या नहीं होता

कंधे, बाँह या जबड़े में दर्द (ख़ासकर बाएँ) के साथ सीने में दबाव, पसीना, साँस फूलना या चक्कर हो, तो इसे हड्डी का दर्द मानकर इंतज़ार न करें। तुरंत नज़दीकी emergency में जाएँ।

चोट के बाद कंधे का आकार बदला दिखे, हाथ बिल्कुल न उठे, या हाथ सुन्न या ठंडा हो, तो उसी दिन emergency में दिखाएँ। कंधा लाल, गर्म और सूजा हो और साथ में बुखार हो, तब भी उसी दिन emergency में जाएँ; यह जोड़ में infection का संकेत हो सकता है।

दर्द के पैटर्न से कारण का अंदाज़ा

Rotator cuff

हाथ उठाने पर दर्द

हाथ सिर के ऊपर उठाने या पीछे ले जाने पर दर्द, और उस करवट लेटने पर रात को बढ़ना। यह tendon (rotator cuff) की सूजन या tear में आम है। देखें: Rotator cuff और shoulder doctor।

Frozen shoulder

कंधा धीरे-धीरे जकड़ना

हाथ ऊपर या पीछे नहीं जाता, दूसरा व्यक्ति उठाए तब भी नहीं। यह अक्सर 40 से 60 की उम्र में और डायबिटीज़ वालों में ज़्यादा दिखता है। देखें: Frozen shoulder।

Dislocation

चोट के बाद कंधा खिसकना

चोट या गिरने के बाद कंधा बाहर निकला दिखे तो उसी दिन emergency में जाएँ। बाद में बार-बार खिसकने जैसा लगे तो labrum की चोट हो सकती है। देखें: कंधा खिसकना और Bankart repair।

गर्दन

गर्दन से उतरता दर्द

दर्द गर्दन से कंधे और बाँह तक आए, उँगलियों में झनझनाहट हो और गर्दन घुमाने पर बढ़े। यह गर्दन की नस के दबाव का संकेत हो सकता है। देखें: गर्दन का दर्द।

जोड़ का घिसना (गठिया) और गिरने के बाद हड्डी टूटना भी वजहें हैं। सही कारण जाँच से ही तय होता है।

घर पर शुरुआती देखभाल

  • सिर के ऊपर भारी सामान उठाना और झटके से हाथ घुमाना कुछ दिन कम करें।
  • कंधे को पूरी तरह बाँधकर न रखें। दर्द की सीमा के अंदर हल्की हरकत जारी रखें, ताकि जकड़न न बढ़े।
  • चोट लगी हो तो शुरू के दो-तीन दिन बर्फ़ की पट्टी रखें। पुराने दर्द में गुनगुना सेंक आराम दे सकता है।
  • जिस तरफ़ दर्द हो, उस करवट न लेटें। हाथ के नीचे तकिया रखने से कुछ लोगों को आराम मिलता है।
  • जाँच के बिना ज़ोर लगाकर हाथ खिंचवाने या मरोड़वाने से बचें, और दर्द की दवा अपने मन से लंबे समय तक न लें।

डॉक्टर को कब दिखाएं

उसी दिन emergency में दिखाएँ:

  • चोट या गिरने के बाद कंधे का आकार बदला दिखे, हाथ बिल्कुल न उठे, या हाथ सुन्न या ठंडा हो।
  • कंधा लाल, गर्म और सूजा है और साथ में बुखार है।
  • कंधे, बाँह या जबड़े में दर्द के साथ सीने में दबाव, पसीना या साँस फूलना है।

OPD में दिखाएँ:

  • चोट के बाद कंधे में सूजन है, पर आकार सामान्य है और हाथ उठ रहा है।
  • दर्द कई हफ़्तों से है या रात की नींद तोड़ता है।
  • हाथ में कमज़ोरी, सुन्नपन या झनझनाहट है, या कंधा धीरे-धीरे जकड़ रहा है, ख़ासकर डायबिटीज़ में।

OPD में जाँच और इलाज के विकल्प

डॉ. अमन खन्ना पहले पूछते हैं कि दर्द कब शुरू हुआ। फिर कंधा खुद उठाने पर और दूसरे के उठाने पर कितना हिलता है, और ताकत कितनी है, यह जाँचते हैं। X-ray से हड्डी और जोड़ देखा जाता है।

इलाज कारण पर निर्भर करता है: दवा, physiotherapy और कंधे की कसरत। Frozen shoulder में कुछ मरीज़ों के लिए hydrodilatation जैसे विकल्प पर चर्चा होती है। Tendon फटा हो या कंधा बार-बार खिसकता हो, तो जाँच के बाद जहाँ ज़रूरी हो वहाँ arthroscopy (दूरबीन की सर्जरी) की सलाह दी जाती है।

OPD Timings — सूरत में कहाँ मिलें

Mahavir Hospital — Athwa

Mahavir Health Campus, Ring Rd, Athwa Gate, Surat 395001

OPD: सोम–शनि 4:00–6:00 PM  ·  Appointment द्वारा

Reception: +91 261 2461093 (shared OPD reception)

Athwa clinic के बारे में →

अपॉइंटमेंट के लिए +91 89808 22922 पर WhatsApp करें। WhatsApp सिर्फ़ appointment और OPD समय के लिए है; जाँच और सलाह OPD में ही होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल — कंधे का दर्द, सूरत

कंधे का दर्द कब गंभीर माना जाए?

चोट के बाद कंधे का आकार बदले, हाथ बिल्कुल न उठे या हाथ सुन्न या ठंडा हो, या बुखार के साथ कंधा लाल और गर्म हो, तो उसी दिन emergency में दिखाएँ। कंधे, बाँह या जबड़े में दर्द (ख़ासकर बाएँ) के साथ सीने में दबाव, पसीना, साँस फूलना या चक्कर हो तो तुरंत emergency में जाएँ।

रात को कंधे का दर्द क्यों बढ़ जाता है?

आम तौर पर माना जाता है कि लेटने पर कंधे के tendon पर दबाव बढ़ता है, और रात में ध्यान बँटाने वाला कुछ नहीं होता, इसलिए दर्द ज़्यादा लगता है। यह rotator cuff की समस्या और frozen shoulder, दोनों में आम है।

Frozen shoulder और rotator cuff के दर्द में क्या फ़र्क है?

Frozen shoulder में जकड़न मुख्य है: दूसरा व्यक्ति उठाए तब भी हाथ पूरा नहीं उठता। Rotator cuff की समस्या में खुद हाथ उठाने पर दर्द और कमज़ोरी ज़्यादा होती है। पक्का फ़र्क जाँच से होता है।

क्या कंधे का दर्द गर्दन की वजह से हो सकता है?

हाँ। गर्दन की नस दबने पर दर्द कंधे, बाँह और उँगलियों तक आ सकता है और गर्दन घुमाने पर बढ़ता है। ऐसे में गर्दन की भी जाँच होती है।

कंधे के दर्द में X-ray, ultrasound या MRI कब कराएं?

शुरुआत में जाँच और X-ray अक्सर काफ़ी होते हैं। Tendon या labrum की चोट का शक हो तो ultrasound या MRI कराया जाता है।

सूरत में कंधे के दर्द के लिए डॉ. अमन खन्ना से कहाँ मिलें?

Mahavir Hospital, Athwa Gate (Mahavir Health Campus) में OPD सोम–शनि 4:00–6:00 PM है (reception: +91 261 2461093)। अपॉइंटमेंट के लिए +91 89808 22922 पर WhatsApp करें; जाँच और सलाह OPD में ही होती है।